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As we all knows the verdict is coming on 21 October. So are planning All Members meeting on 23rd Oct (Sunday) at 12 noon, to plan our future strategy….. plz confirm on wall or email to admin@nefoma.org.......or visit http://nefoma.wordpress.com/contact-us/
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ग्रेटर नोएडा एक्सटेंशन एरिया के गांव कैमराला में किसानों ने रविवार को प्राइवेट बिल्डर के खिलाफ फिर से मोर्चा खोल दिया है। इस बार किसानों ने पंचायत करके उन्हें भी फ्लैट बनाने का लाइसेंस देने की मांग की है। ज्ञात हो कि किसान इस बिल्डर के खिलाफ कई बार पंचायत कर चुके हैं। उनका आरोप है कि बिल्डर प्रशासन के सामने मांगें मान लेता है लेकिन बाद में मुकर जाता है। किसानांे ने रविवार को ऐलान किया कि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बिल्डरों को जमीन नहीं देंगे। किसान नेता महेश भाटी ने कहा कि बिल्डर किसानों की जमीन औने-पौने दामों में ले रहा है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान राजकुमार भाटी, नरेंद्र प्रधान, कांग्रेस नेता वीरेंद्र उर्फ गुड्डू, अजय, धर्मवीर, वेद प्रकाश आदि भी मौजूद थे।
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फार्म्युला-1 रेसिंग ट्रैक पर बाधा पहुंचाने की किसानों की धमकी को पुलिस और प्रशासन ने गंभीरता से विचार करना शुरू कर दिया है। इसके चलते आईजी जल्द ही टै्रक निरीक्षण करेंगे। हालांकि इसके लिए 15 अक्टूबर को उनका दौरा फिक्स था लेकिन लास्ट टाइम में कैंसल हो गया था। डीएसपी ग्रेटर नोएडा सेकंड करन सिंह ने बताया कि ट्रैक की पूरी सिक्युरिटी की जाएगी और किसानों को फटकने भी नहीं दिया जाएगा। इसके लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। साथ ही, बाहर से भी फोर्स मंगाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, किसानों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने लोकल इंटेलीजेंस यूनिट (एलआईयू) को अलर्ट कर दिया है। वहीं, दनकौर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था व किसानों को रोकने के लिए 1 हजार जवानों की मांग की है।
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एनबीटी न्यूज ॥ ग्रेटर नोएडा : शाहबेरी के किसानों की जमीन उनके नाम दर्ज तो गई है, लेकिन अथॉरिटी ने जमीन समतल कर किसानों को नहीं लौटाई है। इससे किसानों में रोष है। जल्द ही किसान इस मामले में अथॉरिटी अफसरों से वार्ता करेंगे। किसानांे ने चेतावनी दी है कि अगर जमीन समतल नहीं की गई तो वे हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर करेंगे। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 6 जुलाई को शाहबेरी की 156 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण निरस्त करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के 12 मई के फैसले को कायम रखा था। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी, कोर्ट ने उन किसानों के नाम दोबारा जमीन दर्ज करने के आदेश अथॉरिटी को दिए थे। किसानों का कहना है कि उन्हें जमीन समतल करके नहीं दी गई है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में साफ लिखा था कि अथॉरिटी किसानों की जमीन समतल करके लौटाएगी। गांव के किसान शराफत अली का कहना है कि जमीन को समतल करने में लाखों रुपये खर्च होंगे, इसलिए कोई भी किसान इतनी भारी भरकम राशि खर्च नहीं कर सकता। इस मामले में जल्द ही अथॉरिटी अफसरों से बातचीत की जाएगी। उसके बाद भी अथॉरिटी जमीन समतल करके नहीं देती तो हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की जाएगी।



