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सभी फ़्लैट बुक कराने वाले मैम्बर्स से अनुरोध है
कि अगर कोई बिल्डर एफ़.ए.आर. को ले कर आपसे कोई एग्रीमेंट साईन करा रहा है
और साईन ना करने पर फ़्लैट कैंसलेशन की धमकी दे रहा है तो कॄप्या इसकी
शिकायत नीचे दिये पते पर करे :-
Shri Rama Raman, (IAS), Chief Executive Officer
GREATER NOIDA INDUSTRIAL DEVELOPMENT AUTHORITY
(A Government of U. P. Undertaking)
Mailing Address:
169 Chitvan Estate
Sector Gamma
Shri Rama Raman, (IAS), Chief Executive Officer
GREATER NOIDA INDUSTRIAL DEVELOPMENT AUTHORITY
(A Government of U. P. Undertaking)
Mailing Address:
169 Chitvan Estate
Sector Gamma
- II
Greater Noida,
Gautam Budh Nagar,
Uttar Pradesh 201308
+91-120 232-6150 (tel)
+91-120 232-6151 (tel)
+91-120 232-6335-7 (tel)
+91-120 232-6143 (fax)
Greater Noida,
Gautam Budh Nagar,
Uttar Pradesh 201308
+91-120 232-6150 (tel)
+91-120 232-6151 (tel)+91-120 232-6335-7 (tel)
+91-120 232-6143 (fax)
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संवाददाता, ग्रेटर नोएडा : बिल्डरों की मनमानी से परेशान ग्रेटर नोएडा
वेस्ट के निवेशकों ने सोमवार दिल्ली जाकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम
सिंह यादव से मुलाकात की।
नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर एंड मेंबर एसोसिएशन (नेफोमा) की तरफ से मुलायम सिंह यादव को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। निवेशकों ने कहा कि दो साल पहले अपना फ्लैट विभिन्न बिल्डर के प्रोजेक्ट्स में बुक कराया था। फ्लैट बुक कराते समय किसी भी बिल्डर ने नहीं बताया था कि जमीन का मामला कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट के निर्देश पर अक्टूबर, 2011 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निर्माण कार्य बंद हो गया। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर कराने को लेकर निवेशकों ने एक साल संघर्ष किया। 24 अगस्त को जब मास्टर प्लान मंजूर हो गया, तो बिल्डरों ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। पुराने निवेशकों को भी बहाने से फ्लैट बुकिंग रद करने की धमकी मिलने लगी। सैकड़ों निवेशकों की बुकिंग रद कर दी गई है। शिकायत करने के बाद बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। फ्लैट रद करने का जब बिल्डरों से नोटिस का प्रूफ मांगा गया, तो देने से इन्कार कर दिया। बहुत सारे लोगों के सिर्फ सर्विस टैक्स की वजह से फ्लैट निरस्त किए गए, जबकि फ्लैट बुक कराते समय सर्विस टैक्स नहीं मांगा था। सर्विस टैक्स लगने के बाद भी कोई डिमांड नहीं भेजी गई, सीधे फ्लैट रद कर दिया गया। कुछ बिल्डरों की तरफ से भारी-भरकम ब्याज की मांग की जा रही है। बिल्डरों ने मुलायम सिंह यादव से मांग की कि इस मामले हस्तक्षेप करें और बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाएं। इस दौरान नेफोमा के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
Source : Dainik Jagran
नोएडा एक्सटेंशन फ्लैट ऑनर एंड मेंबर एसोसिएशन (नेफोमा) की तरफ से मुलायम सिंह यादव को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। निवेशकों ने कहा कि दो साल पहले अपना फ्लैट विभिन्न बिल्डर के प्रोजेक्ट्स में बुक कराया था। फ्लैट बुक कराते समय किसी भी बिल्डर ने नहीं बताया था कि जमीन का मामला कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट के निर्देश पर अक्टूबर, 2011 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में निर्माण कार्य बंद हो गया। मास्टर प्लान 2021 एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से मंजूर कराने को लेकर निवेशकों ने एक साल संघर्ष किया। 24 अगस्त को जब मास्टर प्लान मंजूर हो गया, तो बिल्डरों ने रंग दिखाना शुरू कर दिया। पुराने निवेशकों को भी बहाने से फ्लैट बुकिंग रद करने की धमकी मिलने लगी। सैकड़ों निवेशकों की बुकिंग रद कर दी गई है। शिकायत करने के बाद बिल्डर ने कोई जवाब नहीं दिया। फ्लैट रद करने का जब बिल्डरों से नोटिस का प्रूफ मांगा गया, तो देने से इन्कार कर दिया। बहुत सारे लोगों के सिर्फ सर्विस टैक्स की वजह से फ्लैट निरस्त किए गए, जबकि फ्लैट बुक कराते समय सर्विस टैक्स नहीं मांगा था। सर्विस टैक्स लगने के बाद भी कोई डिमांड नहीं भेजी गई, सीधे फ्लैट रद कर दिया गया। कुछ बिल्डरों की तरफ से भारी-भरकम ब्याज की मांग की जा रही है। बिल्डरों ने मुलायम सिंह यादव से मांग की कि इस मामले हस्तक्षेप करें और बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगाएं। इस दौरान नेफोमा के सभी पदाधिकारी मौजूद थे।
Source : Dainik Jagran
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the Immoral clauses mentioned on agreement by Supertech Builder.
Clause-1
Clause-2
Clause-1
Escalation charges (We have calculated escalation charges of
last 3 years (2009-2012) according to formula mentioned in Annexure-A & it
is coming around 11%. At the time of possession, there will be a huge financial
burden on buyers in the form of escalation charges as construction cost (raw
material, labour, fuel & power, other building construction etc.) will
surely increase in future & the value of escalation charges may be more than
of 11% in 2015 (possession).
Clause-2
It is also mentioned on agreement that all financial
burden regarding surcharge/compensation to farmers will have to bear by
customers in future due to any statutory/court order. This clause may also
create a problems to buyers in future.
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Noida Extension homebuyers meet Ajay Maken
TNN | Nov 22, 2012, 02.34 AM IST
GREATER NOIDA: Flat owners in Noida Extension on Wednesday met housing and urban poverty alleviation minister Ajay Maken for resolution of their issues regarding cancellation of flat allotments by builders. Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) said that thousands of flat buyers are in dilemma becau
TNN | Nov 22, 2012, 02.34 AM IST
GREATER NOIDA: Flat owners in Noida Extension on Wednesday met housing and urban poverty alleviation minister Ajay Maken for resolution of their issues regarding cancellation of flat allotments by builders. Noida Extension Flat Owners and Members Association (NEFOMA) said that thousands of flat buyers are in dilemma becau
se of cancellation of allotments.
"Builders are continuously cancelling allotments. They are trying to make more profits by cancelling the bookings of buyers on the pretext of not being paid an amount of 10 per cent of BSP (Basic Sale Price) or not sign addendum by buyers or not being paid an interest," NEFOMA representative Annu Khan said. "We have requested the Minister to help these investors by issuing directions to builders," Khan said.
"Builders are continuously cancelling allotments. They are trying to make more profits by cancelling the bookings of buyers on the pretext of not being paid an amount of 10 per cent of BSP (Basic Sale Price) or not sign addendum by buyers or not being paid an interest," NEFOMA representative Annu Khan said. "We have requested the Minister to help these investors by issuing directions to builders," Khan said.
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दिनांक 21/11/2012 को नेफ़ोमा के सद्स्यो नें
केंद्र में 'आवास व्यवस्था एवं ग़रीबी उन्मूलन मंत्री' श्री अजय माकन से
उनके आवास पर मुलाकात की । इस मुलाकात में नेफ़ोमा टीम नें श्री अजय माकन को
बिल्डर्स से फ़्लैट बाँयर्स को हो रही परेशानियो से अवगत कराया । जिन
मुद्दॊ के बारे में बात की गई वो निम्नलिखित है :-
1. बिना नोटिस फ़्लैट बाँयर्स के फ़्लैट कैंसल किये गये । जब फ़्लैट बाँयर्स ने सुपरटेक व अर्थ इन्फ़्रा. स
1. बिना नोटिस फ़्लैट बाँयर्स के फ़्लैट कैंसल किये गये । जब फ़्लैट बाँयर्स ने सुपरटेक व अर्थ इन्फ़्रा. स
े नोटिस का प्रूफ़ ( पी.ओ.डी. ) मांगा तो उसने देने से इनंकार किया ।
2. बहुत सारे लोगो के सिर्फ़ सर्विस टैक्स की वजह से फ़्लैट कैंसल किये गये । इनमें से कुछ लोगो का तो सिर्फ़ १००/- से १०००/- तक कम था । जबकी फ़्लैट बुकिंग कराते समय सुपरटेक नें सर्विस टैक्स नही मांगा था । बाद में सर्विस टैक्स लगने के बाद भी कोई डिंमांड नही भेजी गई । लेकिन सीधे फ़्लैट कैंसल कर दिया गया ।
3. बहुत सारे ऎसे भी लोग है जिनसे भारी भरकम ब्याज की मांग की जा रही है ,जबकि उससे पहले तक इन बिल्डर नें कोई डिमांड नही भेजी थी । और मामला भी कोर्ट में लम्बिंत था ।
4. इलहाबाद हाई कोर्ट द्भारा पतबाड़ी और शाहबेरी गांव का जमीन अधिग्रहण रद्द होने के बाद सुपरटेक बिल्डर्स ने वादा किया था कि वो सभी प्रभावित फ़्लैट बाँयर्स को बिना बिके हुऎ फ़्लैटो में शिफ़्ट कर दिया जायेगा । लेकिन आज सबसे ज्यादा इन्ही लोगो के फ़्लैट कैंसल किये जा रहे है ।
5. लगभग सभी बाँयर्स से एक एक अडेंडम साईन करने के लिये कहाँ जा रहा है ताकि बिल्डर्स को देरी पर ब्याज ना देना पड़े । और एफ़.ए.आर. बड़ाने पर बाँयर्स कोई विरोध ना कर सके । यह सब फ़्लैट बाँयर्स की सहमति से होना चाहिये लेकिन सुपरटेक व अन्य बिल्डर्स ,फ़्लैट कैंसलेशन की धमकी दे कर यह सब कर रहे है ।
इसके अलावा मंत्री महोदय से इस बात की भी चर्चा की गई कि मौजूदा समय में यू.पी. में एक कानून यू.पी. अपार्टमेंट एक्ट है लेकिन फ़िर भी इसका पालन नही किया जा रहा । यू.पी. अपार्टमेंट एक्ट रूल्स 2011 के नियमानुसार बिल्डरो के लिये फ़्लैट के आवंटियो को छ: पन्नों वाले डिक्लेयरेशन फ़ार्म देना अनिवार्य है । इस फ़ार्म में प्रोजेक्ट्स के लिये जमीन जुटाने से लेकर इसके निर्माण तक की पूरी डिटेल मौजूद होगी । आंवटी के पास फ़ार्म होने पर बिल्डर्स कोई गड़बड़ नही कर सकेगें । वादे से मुकरने वाले बिल्डरो पर कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी । एक्ट में यह नियम है कि प्रोजेक्ट का नक्शा पास कराने वालो को 12 महीने में और निर्माण कर चुके बिल्डर्स को तीन माह में डिक्लेयरेशन फ़ार्म देना अनिवार्य है इसके अलावा बिल्डर्स को एक प्रति प्राधिकरण को जमा करानी होती है । लेकिन अभी तक कोई भी वो बिल्डर जिसने अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर दिया है या उसका प्रोजेक्ट पास हो गया है ने डिक्लेयरेशन फ़ार्म फ़्लैट आँनर्स को उपलब्ध नही कराया है ।
मंत्री महोदय ने सारी बाते सुनने के बात तुरंत अपने अधिकारियो को यू.पी. के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने को कहाँ इसके अलावा उन्होने नेफ़ोमा टीम को पूरा आस्वाशन दिया कि इस मुद्दे पर वो पूरी तरह फ़्लैट आँनर्स के साथ है । और जो भी कार्यवाही होगी ,उसकी एक प्रति नेफ़ोमा को भी उपलब्ध करा दी जायेगी ।
2. बहुत सारे लोगो के सिर्फ़ सर्विस टैक्स की वजह से फ़्लैट कैंसल किये गये । इनमें से कुछ लोगो का तो सिर्फ़ १००/- से १०००/- तक कम था । जबकी फ़्लैट बुकिंग कराते समय सुपरटेक नें सर्विस टैक्स नही मांगा था । बाद में सर्विस टैक्स लगने के बाद भी कोई डिंमांड नही भेजी गई । लेकिन सीधे फ़्लैट कैंसल कर दिया गया ।
3. बहुत सारे ऎसे भी लोग है जिनसे भारी भरकम ब्याज की मांग की जा रही है ,जबकि उससे पहले तक इन बिल्डर नें कोई डिमांड नही भेजी थी । और मामला भी कोर्ट में लम्बिंत था ।
4. इलहाबाद हाई कोर्ट द्भारा पतबाड़ी और शाहबेरी गांव का जमीन अधिग्रहण रद्द होने के बाद सुपरटेक बिल्डर्स ने वादा किया था कि वो सभी प्रभावित फ़्लैट बाँयर्स को बिना बिके हुऎ फ़्लैटो में शिफ़्ट कर दिया जायेगा । लेकिन आज सबसे ज्यादा इन्ही लोगो के फ़्लैट कैंसल किये जा रहे है ।
5. लगभग सभी बाँयर्स से एक एक अडेंडम साईन करने के लिये कहाँ जा रहा है ताकि बिल्डर्स को देरी पर ब्याज ना देना पड़े । और एफ़.ए.आर. बड़ाने पर बाँयर्स कोई विरोध ना कर सके । यह सब फ़्लैट बाँयर्स की सहमति से होना चाहिये लेकिन सुपरटेक व अन्य बिल्डर्स ,फ़्लैट कैंसलेशन की धमकी दे कर यह सब कर रहे है ।
इसके अलावा मंत्री महोदय से इस बात की भी चर्चा की गई कि मौजूदा समय में यू.पी. में एक कानून यू.पी. अपार्टमेंट एक्ट है लेकिन फ़िर भी इसका पालन नही किया जा रहा । यू.पी. अपार्टमेंट एक्ट रूल्स 2011 के नियमानुसार बिल्डरो के लिये फ़्लैट के आवंटियो को छ: पन्नों वाले डिक्लेयरेशन फ़ार्म देना अनिवार्य है । इस फ़ार्म में प्रोजेक्ट्स के लिये जमीन जुटाने से लेकर इसके निर्माण तक की पूरी डिटेल मौजूद होगी । आंवटी के पास फ़ार्म होने पर बिल्डर्स कोई गड़बड़ नही कर सकेगें । वादे से मुकरने वाले बिल्डरो पर कानूनी कार्यवाही की जा सकेगी । एक्ट में यह नियम है कि प्रोजेक्ट का नक्शा पास कराने वालो को 12 महीने में और निर्माण कर चुके बिल्डर्स को तीन माह में डिक्लेयरेशन फ़ार्म देना अनिवार्य है इसके अलावा बिल्डर्स को एक प्रति प्राधिकरण को जमा करानी होती है । लेकिन अभी तक कोई भी वो बिल्डर जिसने अपने प्रोजेक्ट पर काम शुरु कर दिया है या उसका प्रोजेक्ट पास हो गया है ने डिक्लेयरेशन फ़ार्म फ़्लैट आँनर्स को उपलब्ध नही कराया है ।
मंत्री महोदय ने सारी बाते सुनने के बात तुरंत अपने अधिकारियो को यू.पी. के मुख्यमंत्री को पत्र लिखने को कहाँ इसके अलावा उन्होने नेफ़ोमा टीम को पूरा आस्वाशन दिया कि इस मुद्दे पर वो पूरी तरह फ़्लैट आँनर्स के साथ है । और जो भी कार्यवाही होगी ,उसकी एक प्रति नेफ़ोमा को भी उपलब्ध करा दी जायेगी ।
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As you know that builders are continuously
sending the cancellation letter to their buyers which is ridiculous
.Builders have started playing a new game they are sending the
demand/cancellation letters to the buyer and asking for addendum.
Therefore, all flat buyers are requested to please gather
AT
Star City Mall,
Near Mayur Vihar Phase -1 Extn. Metro Station
Delhi
on 25st '2012 ,Sunday at 11.00 AM.
For more details pls contact on following numbers :
Mr.Annu Khan,
9716025786 ,Dr.Gyanesh Sharma (
9871190713 )Team NEFOMA
facebook : www.facebook.com/nefoma
Url : www.nefoma.in
Blog : www.nefoma.blogspot.com









